दिल में थोड़ी सी भी देशभक्ति हो तो जरूर पढ़े # आखिर हम अंग्रेजी भाषा को क्यों इतना महत्व देते है ? - newsfrom360

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दिल में थोड़ी सी भी देशभक्ति हो तो जरूर पढ़े # आखिर हम अंग्रेजी भाषा को क्यों इतना महत्व देते है ?

दिल में थोड़ी सी भी देशभक्ति हो तो जरूर पढ़े # आखिर हम अंग्रेजी भाषा को क्यों इतना महत्व देते है ?

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आज मै आपसे बात करने वाला हु अंग्रेजी भाषा के बारे में।  पहले तो हम जानेगे ये भाषा आयी कहा से है। अंग्रेजी भाषा को भारत में लाने वाले ब्रिटिश लोग थे। इन लोगो ने भारत देश पर कई सालो तक राज किया और भारत के लोगो को गुलाम बनाकर रखा था।  फिर कई संघर्षो और त्याग के बाद भारत देश को आजादी मिली पर सवाल यह है की क्या सही में हमें अंग्रजो की गुलामी से आजादी मिली है।

बहुत लोग ऐसा सोचते है की अंग्रेजी भाषा विश्व में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है पर ऐसा नही है विश्व में सबसे ज्यादा बोली  जाने वाली भाषा चीनी भाषा है और अंग्रेजी भाषा दूसरे स्थान पर है। अब मैं आपको बताता हु की चीनी भाषा विश्व में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा क्यों है।  अगर आप जनशंख्या की दृष्टि से देखे तो सबसे ज्यादा जनशंख्या वाला देश चीन है और चीनी लोग किसी भी कीमत पे उनकी भाषा को नही छोड़ने वाले। चीनी लोग चीनी भाषा पर गर्व करते है अगर उनके देश में कोई बाहर से आता है तो वह सबसे पहले चीनी में बात करते है। यह कारण  है की चीनी भाषा विश्व में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। 
अगर हम देखेंगे अपने भारत देश में तो जिसे देखो वो अंग्रेजी सिखने के पीछे पड़ा हुआ है।  मैं यह नही कहता की हमें अंग्रेजी नही सीखनी चाहिए, अंग्रेजी भाषा की जानकारी होना भी जरुरी है।  लेकिन अगर हम देखे तो अंग्रेजी भाषा भारत देश में एक तरह की मज़बूरी बन गयी है अगर हम कही नौकरी के लिए जाते है तो वो लोग सबसे पहले बोलते है की अंग्रेजी जरुरी है। जिन लोगो ने हमारे देश को गुलाम बनाकर रखा और भारत से सारा खजान लूट कर ले गए उनकी भाषा को हम आज भी जबरदस्ती बोलने की कोशिश करते है। जिन लोगो को अंग्रेजी नही आती उन्हें लोग अलग नजर से देखते है। मेरा सवाल यह है की ऐसा क्यों ? आज भारत में अमिर से लेकर गरीब सब चाहते है की वो और उनके बच्चे सब अंग्रेजी बोलना सीखे। अंग्रेजी सिखने में कोई हर्ज नही है पर मुझे डर लगता है की आगे चलके कही हमारी हिंदी भाषा विलुप्त न हो जाये। आज अगर आप किसी मॉल या किसी भी ऑफिस में जाये तो लगभग ७० से ८० प्रतिशत लोग पहले अंग्रेजी में बात करते है ऐसा क्यों ? क्या ऐसा नही हो सकता की हर ऑफिस हर मॉल हर जगह भारत में प्रथम भाषा हिंदी बोली जाये। आज बड़े-बड़े विद्यालय और कॉलेजो में अंग्रेजी भाषा को बहुत महत्व दिया जाता है कही-कही तो अंग्रेजी भाषा अनिवार्य है। मेरा कहना यह है की आज अगर बच्चे-बच्चे अंग्रेजी में बात करेंगे तो आगे चलके हमारी हिंदी भाषा एकदम से गायब हो जाएगी। आज भारत में कुछ लोग सुबह उठने से रात के सोने तक अंग्रेजी में बात करना बहुत गर्व की बात समझते है पर मेरी नजर में यह बहुत शर्म की बात है क्योंकि आज भी हम अंग्रेजी भाषा का इस्तेमाल करके अंग्रेजो की गुलामी कर रहे है। इस बारे में आपलोग जरूर सोचियेगा।  

कुछ लोगो का कहना है की क्योंकि हमारे देश में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक अलग-अलग भाषा बोली जाती है इसलिए हम अंग्रेजी भाषा को सिखते है और बातचीत आसानी से कर पाते है। पर मेरा यह कहना है की अंग्रेजी क्यों लोगो को हिंदी भाषा सीखने को क्यों नही कहा जाता और हिंदी भाषा सिखने में बहुत आसान भी है। 
मेरी अंग्रेजी भाषा से कोई दुश्मनी नही है पर मुझे फ़िक्र है हमारे मात्रा भाषा की कही यह भी संस्कृत की तरह विलुप्त न हो जाये। हमें अंग्रेजी से ज्यादा हिंदी को महत्व देना चाहिए।


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