केरल के "लव जिहाद" मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला, कहा हदिया को उसके माता पिता अपने कब्जे में न रखे। - newsfrom360

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केरल के "लव जिहाद" मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला, कहा हदिया को उसके माता पिता अपने कब्जे में न रखे।

केरल के "लव जिहाद" मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला, कहा हदिया को उसके माता पिता अपने कब्जे में न रखे।

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केरल के "लव जिहाद" मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला, कहा हदिया को उसके माता पिता अपने कब्जे में न रखे। 

केरल के "लव जिहाद" मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला, कहा हदिया को उसके माता पिता अपने कब्जे में न रखे।


केरल के लव के जिहाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनते हुए कहा की हदिया को उसके माता-पिता अपने कब्जे में न रखे।  हिंदू लड़की हादिया ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया। 2 घंटे से ज्यादा चली सुनवाई के दौरान उसने कहा कि वह अपने पति शफीन के साथ रहना चाहती है। हादिया ने सुप्रीम कोर्ट में साफ तौर पर कहा, मुझे अपनी आजादी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने हादिया से कहा कि वह अपनी पढ़ाई पूरी करें. सुप्रीम कोर्ट ने हादिया को होम्योपैथी की आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए तमिलनाडु के सलेम भेज दिया. अदालत ने केरल पुलिस को निर्देश दिया कि वह हादिया को सुरक्षा प्रदान करने और यथाशीघ्र उसका सलेम पहुंचना सुनिश्चित करे। 

हदिया ने कोर्ट में कहा कि उसे 11 महीने से गैर-कानूनी हिरासत में रखा गया है. उसने BHMS किया है लेकिन वो इंटर्नशिप नहीं कर पाई, वो इसे पूरा करना चाहती है. कोर्ट ने जब यह पूछा कि अगर सरकार खर्चा दे तो क्या आप पढ़ाई जारी रखना चाहती हैं? इस पर हादिया ने कहा, मेरे पति मेरा खर्च उठा सकते हैं. सरकारी पैसे की जरूरत नहीं है. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने हादिया को माता-पिता की हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया. हादिया ने विभिन्न सवालों के जवाब देते हुए यह भी कहा कि मुझे अपनी आजादी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने हादिया को पढ़ाई पूरी करने को कहा. कोर्ट ने कॉलेज को हादिया को फिर से दाखिला देने और हॉस्टल में कमरा देने का आदेश दिया. कोर्ट के इस फैसले के बाद हादिया के पति शफीन जहां ने NDTV इंडिया से कहा कि वह इस आदेश से खुश हैं। 

बता दें कि केरल की 24 वर्षीय हादिया (इस्लाम धर्म अपनाने वाली हिंदू महिला) ने शनिवार को भी कहा था कि वह अपने पति के साथ रहना चाहती है. हादिया ने इस्लाम कबूल कर शाफिन जहां नामक मुस्लिम युवक से शादी की है. हादिया को उसके माता-पिता और सुरक्षाकर्मी दिल्ली जाने वाले विमान में चढ़ाने के लिए उसे जबरन ले गए थे, क्योंकि इस मामले में उसे सुप्रीम कोर्ट में गवाही देनी थी. भारी सुरक्षा-व्यवस्था के बीच जैसे ही हादिया नेदुम्बेसरी स्थित हवाई अड्डे पर पहुंची तो वहां अव्यवस्था का माहौल हो गया था, क्योंकि मीडियाकर्मी उसके निकट जाने की कोशिश करने लगे और इसके लिए पुलिस के साथ धक्का मुक्की भी हुई। 

हवाई अड्डे के अंदर ले जाने के दौरान बुर्का पहनी 24 वर्षीय हादिया ने चिल्ला कर कहा कि 'मैं एक मुस्लिम हूं. मेरे ऊपर कोई दबाव नहीं है. मैं अपने पति के साथ रहना चाहती हूं.' इससे पहले महिला अपने माता-पिता और पुलिस के एक दल के साथ जिले के वैकम के निकट एक गांव से दो घंटे की यात्रा करने के बाद हवाई अड्डे पर पहुंची। 


जानिए क्या है पूरा मामला 



- केरल में अखिला अशोकन उर्फ हादिया (25) ने शफीन नाम के मुस्लिम लड़के से दिसंबर 2016 में शादी की थी। लड़की के पिता एम अशोकन का आरोप था कि यह लव जिहाद का मामला है। उनकी बेटी की जबर्दस्ती धर्म बदलवाकर शादी की गई है।

- लड़की के पिता की पिटीशन पर हाईकोर्ट ने 25 मई को यह शादी रद्द कर दी थी। हादिया को उसके माता-पिता के पास रखने का आदेश दिया था। इसके बाद शफीन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
- कोर्ट ने लड़की के पिता को उसे पेश करने का ऑर्डर दिया था।

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